June 15, 2026

जहां सड़कें खत्म, वहां पहुंचा स्वास्थ्य का कारवां! ज़ांस्कर की बर्फीली वादियों में द हंस फ़ाउंडेशन बना हजारों ग्रामीणों की उम्मीद

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जहां सड़कें खत्म, वहां पहुंचा स्वास्थ्य का कारवां! ज़ांस्कर की बर्फीली वादियों में द हंस फ़ाउंडेशन बना हजारों ग्रामीणों की उम्मीद

 

National:लद्दाख की ज़ांस्कर घाटी में द हंस फ़ाउंडेशन के तत्वावधान में ‘स्पेशियलिटी हेल्थ कैंप–2026’ का आयोजन,सुदूर गांवों में पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं,हजारों ग्रामीणों ने उठाया लाभ

लद्दाख की ज़ांस्कर घाटी के दूर-दराज़ और ऊँचाई वाले ग्रामीण क्षेत्रों में ‘द हंस फ़ाउंडेशन’ के तत्वावधान में ‘दृष्टि लौटाना’,’उम्मीद जगाना’,’मानवता की सेवा’ और ‘सीमाओं से परे स्वास्थ्य सेवा’ के संकल्प के साथ निःशुल्क ‘स्पेशियलिटी हेल्थ कैंप–2026’ का आयोजन किया गया। जिसमें ज़ांस्कार घाटी के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बसे गांव के हजारों ग्रामिणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। 7 से 15 जून 2026 तक आयोजित इन स्वास्थ्य शिवरों में ज़ांस्कर घाटी में एक व्यापक मानवीय स्वास्थ्य सेवा अभियान आयोजित किया गया। जिसमें इन हिमालयी क्षेत्रों के सबसे दुर्गम गाँवों को भी शामिल किया गया था। इन स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य भारत के भौगोलिक रूप से सबसे मुश्किल इलाकों में रहने वाले उन समुदायों तक सीधे पहुँचना था। जिन्हें अभी तक ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं मिल पा रही थीं।

आपको बता दें कि इस स्वास्थ्य सेवा मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने के लिए मुख्य रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) की परिकल्पना को केंद्र में रखते हुए ग्रामीण आबादी,विशेषकर महिलाओं,बच्चों और कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की दिशा में ‘द हंस फ़ाउंडेशन’ के डॉक्टरों,नेत्र रोग विशेषज्ञों,फार्मासिस्ट,लैब टेक्नीशियन,ऑप्टोमेट्रिस्ट,प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर और सपोर्टिंग स्टाफ समेत लगभग 28 हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स की एक समर्पित टीम ने लद्दाख की ज़ांस्कार घाटी के दूर-दराज़ के गाँवों का दौरा कर यहां जीवन-यापन कर रहे लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराईं। जिसमें एमडीएसडी रोटरी आई हॉस्पिटल कुल्लू और एकॉर्ड हॉस्पिटल फ़रीदाबाद का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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इन विशेष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से ज़ांस्कार घाटी के लोगों को पहली बार कई तरह की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। जिनमें आँखों की जाँच,स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह, लैब टेस्ट,डायग्नोस्टिक सेवाएँ,दवाइयों का वितरण और मोतियाबिंद की सर्जरी प्रमुख रही। शिविरों में 550 लोगों की आँखों की जाँचें की गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लगभग 747 लोगों को सामान्य स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह दी गई। साथ ही 582 लैब टेस्ट,51 एक्स-रे और 77 ईसीजी टेस्ट किए गए,जिससे अलग-अलग बीमारियों का समय पर पता लगाने और इलाज करने में मदद मिली।

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स्वास्थ्य शिविरों को तहत आंखों की देखभाल की पहल के तहत,पढ़ने के लिए 168 लोगों को और दूर दृष्टि दोष से पीड़ित लोगों की दृष्टि को सुधारने के लिए 65 लोगों को खास तौर पर बने चश्मे प्रदान किए गए। इस दौरान मेडिकल टीम ने 64 मरीज़ों में मोतियाबिंद की पहचान की, जिनमें से 38 मरीज़ों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन शिविर में ही सफलतापूर्वक किया गया। इसी के साथ बाकि मरीजों का डॉक्टरों से परामर्श के बाद ऑपरेशन किया जाना है।

इस स्वास्थ्य मिशन की एक बड़ी खूबी स्थानीय स्वयंसेवकों और छात्रों,खासकर युवा लड़कियों की सक्रिय भागीदारी रही। जिन्होंने मरीज़ों के रजिस्ट्रेशन,अनुवाद,लोगों को एकजुट करने और बातचीत में मदद करने जैसे कई महत्वपूर्ण कामों में अहम भूमिका निभाई। जिससे भाषा की बाधाओं को दूर करने और हेल्थकेयर देने वालों व स्थानीय निवासियों के बीच बेहतर बातचीत सुनिश्चित करने में मदद मिली।

इस ‘स्पेशियलिटी हेल्थ कैंप–2026’ में ज़ांस्कर के चा-निर्वाचन क्षेत्र के काउंसलर स्टैनज़िन लाकपा और पदुम के ब्लॉक मेडिकल ऑफ़िसर डॉ.स्टैनज़िन अंगमो का भागीरथी सहयोग रहा। जिनके सहयोग ने इस कार्यक्रम को ज़ांस्कर के जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पूरे हेल्थ कैंप का नेतृत्व ‘द हंस फाउंडेशन’ के डिप्टी डायरेक्टर–ग्रांट्स एंड प्रोजेक्ट्स,विकास वर्मा ने किया,जिन्होंने इस पहल की पूरी प्लानिंग,रिसोर्स जुटाने और फील्ड में इसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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‘स्पेशियलिटी हेल्थ कैंप–2026’ में प्रदान की गई मुख्य सेवाए

• 550 लोगों की आँखों की जाँच की गई

• पढ़ने के लिए 168 चश्मे प्रदान किए गए

• 65 लोगों को ज़रूरत के हिसाब से खास चश्मे प्रदान किए गए

• मोतियाबिंद के 64 मरीज़ों की पहचान की गई

• मोतियाबिंद के 38 ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए

• सामान्य स्वास्थ्य (OPD) में 747 लोगों को विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण सलाह दी गई

• 582 लैब टेस्ट किए गए

• 51 X-रे किए गए

• 77 ECG टेस्ट किए गए

• स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी 2,304 सेवाएँ दी गईं

इन गांवों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं

07 जून- पदुम(लॉन्च कैंप)

08 जून- फे गांव,स्टोड वैली

09 जून- चा गांव,लुंगनाक घाटी

10 जून- कार्षा और यूलसोम वैली

11 जून- अब्रान गांव,स्टोड वैली

13–15 जून- सरकारी अस्पताल,पदुम में मोतियाबिंद सर्जरी कार्यक्रम

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