June 12, 2026

दुखद खबर:नहीं रहे उत्तराखंड के महान अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा ,खेल जगत में शोक की लहर

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नहीं रहे उत्तराखंड के महान निशानेबाज जसपाल राणा का निधन,खेल जगत में शोक की लहर

 

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और देश के शीर्ष शूटिंग कोचों में शुमार जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से खेल जगत, उत्तराखंड और देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। वह दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उपचाराधीन थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जसपाल राणा को हृदय संबंधी समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके कार्डियक ब्लॉकेज को दूर करने के लिए स्टेंट सर्जरी भी की गई थी। सर्जरी के बाद उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा था और वह स्वस्थ हो रहे थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने शानदार खेल करियर के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश को गौरवान्वित किया। वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और एशियाई खेलों सहित कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में उन्होंने पदक जीतकर भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।
खिलाड़ी के रूप में शानदार उपलब्धियां हासिल करने के बाद वर्ष 2012 के बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू की। एक कोच के रूप में भी उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देश के कई उभरते और स्थापित पिस्टल निशानेबाजों को प्रशिक्षण दिया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक भारतीय स्टार निशानेबाज मनु भाकर को प्रशिक्षित करना रहा। जसपाल राणा के मार्गदर्शन में मनु भाकर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया और वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनके प्रशिक्षण और अनुभव का लाभ भारतीय शूटिंग टीम को लंबे समय तक मिलता रहा।
फरवरी 2025 में उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए भारत का हाई परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था। इस जिम्मेदारी के तहत वह आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक तैयारियों के लिए खिलाड़ियों को तैयार कर रहे थे।
टिहरी जनपद के जौनपुर क्षेत्र से संबंध रखने वाले जसपाल राणा उत्तराखंड की शान माने जाते थे। अपनी प्रतिभा, संघर्ष और उपलब्धियों के कारण वह प्रदेश के युवाओं के प्रेरणास्रोत बने। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी उपलब्धियों और व्यक्तित्व पर लोकभाषा में कई गीत भी रचे गए हैं।
जसपाल राणा के निधन को भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश ने एक महान खिलाड़ी, सफल कोच और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को खो दिया है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का शोक संदेश 

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शूटर जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध और शोकाकुल हूँ। जसपाल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेकदिल इंसान थे। भारत में शूटिंग को एक खेल के रूप में लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी प्रभावी भूमिका थी।

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जसपाल राणा ने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप एवं एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिला कर भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन किया। उनके निधन से भारतीय खेल जगत को एक बड़ी क्षति हुई है। ईश्वर उनके शोक-संतप्त परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें। इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रसशंकों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ। ओम शांति!

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