September 17, 2026

देहरादून में घंटाकर्ण भक्तों की महत्वपूर्ण बैठक — जनवरी में उत्तराखंड स्तर पर होगी भव्य घंटाकर्ण कथा का आयोजन –

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देहरादून में घंटाकर्ण भक्तों की महत्वपूर्ण बैठक — जनवरी में उत्तराखंड स्तर पर होगी भव्य घंटाकर्ण कथा का आयोजन

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देहरादून, 2 नवंबर। देहरादून में रविवार को घंटाकर्ण भगवान के भक्तों की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उत्तराखंड राज्य के सभी घंटाकर्ण मंदिरों को एक साथ जोड़कर आगामी जनवरी माह में एक भव्य घंटाकर्ण कथा आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह पहल उत्तराखंड के धार्मिक और सांस्कृतिक एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 15 नवंबर के आसपास देहरादून में एक व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पूरे उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से घंटाकर्ण मंदिरों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस प्रस्तावित बैठक में जनवरी में होने वाली कथा के आयोजन से संबंधित सभी प्रमुख बिंदुओं — जैसे आयोजन स्थल, व्यवस्थाएँ, सहयोगी टीमें, प्रचार-प्रसार, तथा भक्तों की भागीदारी — पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

घंटाकर्ण भगवान के प्रति आस्था और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से इस बैठक में एक संचालन समिति का गठन भी किया गया। समिति में सुशांत गैरोला को अध्यक्ष, प्रशांत नौटियाल को उपाध्यक्ष, शौर्य गैरोला को सचिव, वैभव खंडूरी को उपसचिव तथा दीपक बिजल्वाण को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

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इस मौके पर बैठक में कई वरिष्ठ भक्त और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें बुद्धि सिंह रावत, हरीश बिजल्वाण, अनिरुद्ध सजवाण, महेश बिजल्वाण, सुधीर बिजल्वाण, आशीष नौटियाल, राहुल सजवाण और अमित बडोनी प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर भगवान घंटाकर्ण की महिमा को जन-जन तक पहुँचाने और उत्तराखंड की परंपरा को नई पहचान देने का संकल्प लिया।

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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि घंटाकर्ण भगवान की कथा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम भी है। इस आयोजन से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक परंपरा और सामुदायिक भावना को नया आयाम मिलेगा। भक्तों ने उम्मीद जताई कि जनवरी में होने वाली यह कथा राज्यभर के श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन साबित होगी।

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अंत में समिति सदस्यों ने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने और इस पवित्र कार्य को सफल बनाने का आह्वान किया।

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