July 15, 2026

उत्तराखंड:भाजपा का पूर्व विधायक गिरफ्तार, ये है वजह

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भाजपा का पूर्व विधायक गिरफ्तार, ये है वजह

सोशल मीडिया पोस्टों पर घिरे पूर्व विधायक सुरेश राठौर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े ऑडियो-वीडियो विवाद में बढ़ी कानूनी कार्रवाई

 

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मुकदमों में कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया है, जबकि सह-आरोपी उर्मिला सनावर के संबंध में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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मामला उन ऑडियो और वीडियो सामग्रियों से जुड़ा है, जिन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन सामग्रियों में भाजपा नेताओं के बारे में आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की गईं, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
इस संबंध में हरिद्वार के झबरेड़ा और बहादराबाद तथा देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की एक महत्वपूर्ण कानूनी पृष्ठभूमि भी है। हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज चार एफआईआर में से दो को निरस्त कर दिया था। हालांकि शेष दो मामलों में अदालत ने जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। इसी क्रम में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी है।
शिकायतकर्ता दुष्यंत गौतम और आरती गौड़ का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की नीयत से तैयार और प्रसारित की गई थी। वहीं सुरेश राठौर लगातार आरोपों को निराधार बताते रहे हैं और उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को न्यायालय में चुनौती भी दी थी।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े सभी तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों और प्रसारित सामग्री की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े होने के कारण यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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गौरतलब है कि इस मामले की सीबीआई जॉच भी चल रही है। राठौर और उर्मिला की बातचीत में कथित वीआईपी के तौर पर पूर्व संगठन महामंत्री अजेय कुमार व प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम लिया था। यह मामला अब बेहद नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया है।

 

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