April 23, 2026

बड़ी खबर:उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल कई पूर्व विधायक,दिग्गज नेता आज दिल्ली में कांग्रेस में होंगे शामिल 

0
AA1Zaoff

उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल कई घनसाली से भीमलाल आर्य समेत कई दिग्गज कांग्रेस में शामिल होने की खबर 

उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल, कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए बड़े नेताओं की आज दिल्ली में होगी वापसी

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। भाजपा से जुड़े कुछ पूर्व विधायक और कई निर्दलीय नेता आज दिल्ली में कांग्रेस में 

, देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। भाजपा ने कांग्रेस समेत अन्य दलों व संगठनों के लिए अपने दरवाजे खोले तो अब कांग्रेस भी भाजपा पर पलटवार की तैयारी में है।

ये भी पढ़ें:  श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले

इस कड़ी में कांग्रेस अब भाजपा से जुड़े व कई निर्दलीय कद्दावर नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की तैयारी में है। ये नेता शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस का दामन थामेंगे।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से राज्य में राजनीतिक बनवास झेल रही कांग्रेस अब आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत तैयारियों में जुट गई है। इस क्रम में कांग्रेस अब स्थानीय स्तर के मजबूत और प्रभावशाली चेहरों को उतारकर मुकाबले को कड़ा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

ये भी पढ़ें:  वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम

नए चेहरों को पार्टी में शामिल करने की तैयारी
पार्टी ऐसे नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है, जिनका अपने क्षेत्र में आधार रहा है। इसके तहत मसूरी, रुड़की, रुद्रपुर, सितारगंज, घनसाली और भीमताल जैसी अहम सीटों वाले क्षेत्रों में नए चेहरों को पार्टी में शामिल करने की तैयारी चल रही है।

चर्चा है कि पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता व भीमताल से निर्दल चुनाव लड़ चुके लाखन नेगी को कांग्रेस अपने पाले में ला सकती है। ये शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस का प्रयास इन सीटों पर स्थानीय समीकरण बदलने से चुनावी मुकाबला रोचक बनाने के साथ ही कांग्रेस की इन स्थानों पर पकड़ को मजबूत बनाना है। माना जा रहा है कि कांग्रेस आने वाले महीनों में ज्वाइनिंग व स्थानीय गठजोड़ की रणनीति काम करेगी।

ये भी पढ़ें:  श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले

 

(साभार:दै.जा)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed