June 6, 2026

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन को किया सील

0
IMG-20260225-WA0031

 

 

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन को किया सील

सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त अभियान जारी है। एमडीडीए ने नियमों की अनदेखी कर की जा रही प्लाटिंग और व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थलों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्यवाही की। प्राधिकरण का कहना है कि मास्टर प्लान के विपरीत किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

प्राधिकरण की टीम ने शेरपुर क्षेत्र में श्रीराम सेंटेनियल स्कूल के पीछे, नया हाईवे सेलाकुई के निकट लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। भू-स्वामी श्री प्रवीन विज द्वारा बिना स्वीकृत लेआउट और आवश्यक अनुमति के भूखंडों का विभाजन किया जा रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर प्लाटिंग से जुड़े निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था।

ये भी पढ़ें:  मुख्य सचिव द्वारा टिहरी झील क्षेत्र का भ्रमण एवं पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण

 

अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग

इसी क्षेत्र में सावेज द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया। यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और भूमि उपयोग परिवर्तन के किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता सशांक सक्सेना, अवर अभियंता नीतेश राणा, सुपरवाइजर ललित तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर अनधिकृत निर्माण कतई स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें:  पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान”

 

ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन पर शिकंजा

हरिपुर कला, ऋषिकेश में आदिनाथ अखाड़ा के निकट अशोक मित्तल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के बिना किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से निर्माण को सील कर दिया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता मनीष डिमरी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहे।

 

उपाध्यक्ष का सख्त संदेश

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते कठोर कदम उठाने पड़े। उनका कहना है कि सुनियोजित शहरी विकास और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड या भवन की खरीद से पहले उसकी विधिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

ये भी पढ़ें:  मुख्य सचिव द्वारा टिहरी झील क्षेत्र का भ्रमण एवं पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण

 

नियमित निगरानी और आगे भी अभियान

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध निर्माण गतिविधियों की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि मास्टर प्लान के अनुरूप सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

 

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed