June 27, 2026

उत्तराखण्ड विधानसभा बनी देश की पहली संवैधानिक संस्था, जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान का किया औपचारिक अभिनंदन –

0
RAIBAR PAHAD KA

उत्तराखण्ड विधानसभा बनी देश की पहली संवैधानिक संस्था, जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान का किया औपचारिक अभिनंदन

राज्य स्थापना की रजत जयंती के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ऐतिहासिक वक्तव्य

 

 

 

देवभूमि उत्तराखण्ड की विधानसभा ने आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया, जब राज्य की स्थापना की रजत जयंती (25 वर्ष पूर्ण होने) के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सौ वर्ष पूर्ण होने पर संगठन के देश निर्माण में योगदान की औपचारिक सराहना की।

electronics

 

ये भी पढ़ें:  पूरे उत्साह से जारी है चार धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा

इस अवसर पर उत्तराखण्ड विधानसभा देश की पहली संवैधानिक संस्था बन गई जिसने संघ के राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में दिए योगदान को सदन में आधिकारिक रूप से मान्यता दी।

 

मुख्यमंत्री धामी ने अपने वक्तव्य में कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की तपोमय यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की है जिसने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित की।”

 

उन्होंने कहा कि जो भारत कभी गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त था, आज वही अपने सांस्कृतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और परंपराओं पर गर्व करता है — यह आत्मगौरव संघ की शताब्दी तपस्या का ही परिणाम है।

ये भी पढ़ें:  आइए, हम सब मिलकर देवभूमि के इस देवतत्व, सद्भाव, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करें

 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड ने अपने 25 वर्षों के विकास सफर में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, किंतु राज्य ने सदैव विकल्प रहित संकल्प के साथ प्रगति की राह पर कदम बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।

ये भी पढ़ें:  मानवीय संवेदनाओं की मिसाल बना श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल

 

सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री धामी ने संघ शाखा में गाए जाने वाले प्रेरक गीत की पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की —

 

ये उथल-पुथल उछाल लहर, पथ से न डिगाने पाएगी,

पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी, आएगी…

 

इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे सदन में एकता, आत्मगौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार हुआ। विधानसभा द्वारा पारित यह भावनात्मक अभिव्यक्ति न केवल उत्तराखण्ड बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए संघ की राष्ट्रसेवा की शताब्दी यात्रा को सम्मानित करने वाला क्षण बन गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed