May 14, 2026

ग्राम लुठियाग चिरबटिया में तीन दिवसीय दिव्य और भव्य (थल्लू)मेला का देव डोलियो के नृत्य के साथ शुभारंभ

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रामरतन पंवार /जखोली

ग्राम लुठियाग चिरबटिया में तीन दिवसीय दिव्य और भव्य (थल्लू)मेला का देव डोलियो के नृत्य के साथ शुभारंभ

“जखोली: उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पूर्वजों की विरासतों को संजोए रखने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत लुठियाग (चिरबटिया) में तीन दिवसीय पारंपरिक मेला ‘थल्लू’ श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है। सोमवार, 11 मई 2026 से शुरू हुआ यह भव्य आयोजन 13 मई तक चलेगा। मेले के पहले ही दिन क्षेत्रवासियों सहित दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

मेले का मुख्य आकर्षण आराध्य देवों का मिलन रहा। जैसे ही नागेन्द्र देवता, घण्डियाल देवता और नागराजा की डोलियाँ ढोल-दमऊ की थाप पर मंदिर प्रांगण में पहुँचीं, पूरा वातावरण ‘जय उद्घोष’ से गुंजायमान हो उठा। देव डोलियों के पारंपरिक नृत्य और धार्मिक अनुष्ठानों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर भक्तिमय भाव से सराबोर कर दिया। पहाड़ी संस्कृति में लोक वाद्य यंत्रों की गूँज और अपने इष्ट देवों के प्रति अटूट विश्वास का यह संगम उत्तराखंड की सांस्कृतिक संपन्नता का सजीव प्रमाण पेश कर रहा है।

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इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती सुदीपा देवी ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। महिला मंगल दल की अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला देवी और युवक मंगल दल के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने व्यवस्थाओं का मोर्चा संभाला। मेले की सफलता में सामाजिक कार्यकर्ता सैन सिंह मैहरा, हरेन्द्र सिंह, गुमान सिंह, त्रिलोक सिंह कैंतूरा, शिव सिंह और कमल सिंह सहित समस्त ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।

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पहाड़ी क्षेत्रों में लोकविरासत और देवताओं का सर्वोच्च स्थान आज भी अक्षुण्ण है। ‘थल्लू’ मेले के माध्यम से जहाँ एक ओर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर यह प्रवासी ग्रामीणों के मिलन का भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। आगामी दो दिनों तक मेले में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और अनुष्ठान जारी रहें�

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