September 7, 2026

देवभूमि के ‘धन्वंतरि’: डॉ. महेश कुड़ियाल— सेवा, समर्पण और संकल्प का एक उज्ज्वल अध्याय

0
FB_IMG_1775484789144

देवभूमि के ‘धन्वंतरि’: डॉ. महेश कुड़ियाल— सेवा, समर्पण और संकल्प का एक उज्ज्वल अध्याय

“कुछ हाथ ऐसे होते हैं, जिन्हें ईश्वर अपनी करुणा और कौशल सौंपकर धरा पर भेजता है।

वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल सिंह गुसाईं 

आज जब देहरादून की प्रतिष्ठित संस्था IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के अध्यक्ष पद की कमान डॉ. महेश कुड़ियाल जी के हाथों में निर्विरोध सौंपी गई है, तो यह केवल एक पद का निर्वाचन नहीं है; बल्कि यह उस तपस्या का सम्मान है जो पिछले साढ़े तीन दशकों से देहरादून के अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों में मौन रहकर की गई है।

ये भी पढ़ें:  सीएम आवास कूच से पहले भाजपा का बड़ा दांव, मकवाना को NCSK की कमान

मस्तिष्क की जटिलता और हृदय की कोमलता

90 के दशक से आज तक, जब चिकित्सा विज्ञान संसाधनों की कमी से जूझ रहा था, तब डॉ. कुड़ियाल ने उत्तराखंड की विषम परिस्थितियों में ‘न्यूरो सर्जरी’ जैसे जटिल क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि चुना। 35 वर्षों का लंबा सफर और करीब 4 हज़ार से अधिक वे ज़िंदगियाँ, जिन्हें उन्होंने मृत्यु के द्वार से वापस खींच लाया— ये केवल आँकड़े नहीं हैं, ये 4 हज़ार परिवारों के बुझते हुए चिरागों को पुनर्जीवित करने की गाथा है।

ये भी पढ़ें:  सीएम आवास कूच से पहले भाजपा का बड़ा दांव, मकवाना को NCSK की कमान

एक चिकित्सक, जो ‘देवदूत’ बन गया

किसी के मस्तिष्क की नसों को जोड़ना विज्ञान हो सकता है, लेकिन किसी असहाय और गरीब मरीज के आंसू पोंछकर उसे नया जीवन देना ‘धर्म’ है। डॉ. कुड़ियाल ने चिकित्सा को कभी पेशा नहीं, बल्कि ‘परोपकार’ माना। उनके लिए अस्पताल की मेज पर लेटा व्यक्ति केवल एक ‘केस’ नहीं, बल्कि किसी का पिता, किसी की माँ या किसी का बच्चा रहा है। यही कारण है कि ‘उत्तराखंड रत्न’ जैसा सर्वोच्च सम्मान उनके व्यक्तित्व की विशालता के सामने छोटा प्रतीत होता है।

ये भी पढ़ें:  सीएम आवास कूच से पहले भाजपा का बड़ा दांव, मकवाना को NCSK की कमान

सादगी का हिमालयी शिखर

पद, प्रतिष्ठा और पुरस्कारों की चकाचौंध के बीच डॉ. कुड़ियाल का व्यवहार आज भी एक सरल पहाड़ी जैसा निश्छल और पारदर्शी है। उनकी सामाजिकता और व्यावहारिक दृष्टिकोण यह बताता है कि एक महान डॉक्टर बनने के लिए पहले एक महान इंसान होना जरूरी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed