October 20, 2026

समाजसेवी रोशन रतूड़ी और दीपिका नौटियाल की मुहिम रंग लाई, इंद्रमणि की घर वापसी को जुटे 1.40 करोड़

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जहां उम्मीद की लौ बुझने लगे, वहां रोशन रतूड़ी बनकर कोई रोशनी करता है…

डी एस कैंतुरा, रैबार पहाड़ का 

किसी की मदद करना सिर्फ हाथ बढ़ाना नहीं, बल्कि टूटती उम्मीद को थाम लेना है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लौटाना ही असली समाजसेवा है। इसी सोच को अपने कर्मों में उतार रहे हैं समाजसेवी रोशन रतूड़ी, जो जरूरतमंदों की आवाज बनकर उनके संघर्ष में साथ खड़े नजर आते हैं। इंद्रमणि नौटियाल की घर वापसी की मुहिम भी इसी मानवीय सोच की एक मिसाल है। एक बेटी की पुकार को अपनी आवाज बनाकर रोशन रतूड़ी ने जिस तरह समाज को इस मुहिम से जोड़ा, उसने साबित किया कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

“दान वो नहीं जो हाथ से दिया जाए,
दान वो है जो किसी की जिंदगी संवार जाए।
नाम की चाह नहीं, शोहरत का अरमान नहीं,
जहां दर्द दिखा, वहीं इंसानियत का हाथ बढ़ जाए।”

ये पंक्तियां फिट बैठती है टिहरी निवासी जो वर्तमान में दुबई में है अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी पर

समाजसेवी रोशन रतूड़ी और दीपिका नौटियाल की मुहिम रंग लाई, इंद्रमणि की घर वापसी को जुटे 1.40 करोड़

अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी की सक्रियता और बेटी दीपिका की पुकार बनी उम्मीद की किरण

टिहरी के रतगणा पंगरियाणा का रावत परिवार बना मिसाल, सुरेंद्र सिंह रावत ने पत्नी सुनीता देवी और बेटे साहिल संग दिए ₹2,00,151

उत्तरकाशी। सऊदी अरब में लंबे समय से फंसे उत्तरकाशी निवासी इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए शुरू की गई मुहिम अब इंसानियत की बड़ी मिसाल बन गई है। बेटी दीपिका नौटियाल की भावुक अपील और अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी की लगातार सक्रियता ने इस अभियान को गांव-गांव से लेकर देश-विदेश तक पहुंचा दिया।

अभियान के तहत करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है।

इंद्रमणि नौटियाल की घर वापसी के लिए बड़ी धनराशि की जरूरत है। आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार के सामने जब पिता को वापस लाने की चुनौती खड़ी हुई तो बेटी दीपिका नौटियाल ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद की अपील शुरू की। देखते ही देखते दीपिका की पुकार उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों तक पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने संभाली मुहिम

इंद्रमणि नौटियाल की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को इस मानवीय मुहिम से जोड़ने का काम किया। रोशन रतूड़ी की अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग आगे आए और अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग देना शुरू किया।
वहीं, अपने पिता की घर वापसी के लिए दीपिका नौटियाल की लगातार जारी लड़ाई ने लोगों को भावुक कर दिया। वर्षों से पिता की वापसी का इंतजार कर रही बेटी के संघर्ष और हौसले को लोगों ने समर्थन दिया।

रावत परिवार ने पेश की इंसानियत की मिसाल

इस मुहिम में टिहरी गढ़वाल के ग्राम रतगणा पंगरियाणा, पट्टी हिन्दाव निवासी सुरेंद्र सिंह रावत और उनके परिवार का सहयोग भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
सुरेंद्र सिंह रावत ने अपनी पत्नी सुनीता देवी और बेटे साहिल सिंह के साथ मिलकर ₹2,00,151 की आर्थिक सहायता प्रदान की। परिवार का यह सहयोग अभियान में व्यक्तिगत स्तर पर किए गए उल्लेखनीय सहयोगों में शामिल है।

रावत परिवार की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। परिवार ने आर्थिक सहायता देकर यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ी इंसानियत है। उनका यह सहयोग इंद्रमणि की बेटी दीपिका की उम्मीद को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ।

गांव-गांव से विदेशों तक खुला मदद का हाथ

इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए उत्तराखंड के कई गांवों में लोगों ने सामूहिक रूप से धनराशि जुटाई। देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले उत्तराखंडी और विदेशों में बसे प्रवासी भी ऑनलाइन माध्यम से अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
किसी ने हजारों रुपये दिए तो किसी ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार छोटी राशि देकर योगदान दिया। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और आम लोगों ने भी इस मुहिम में सहयोग का हाथ बढ़ाया।

परिवार को पुलिस सुरक्षा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंद्रमणि नौटियाल के परिवार को पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई गई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से परिवार की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

सरकार के स्तर पर भी प्रयास जारी

इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए सरकार के स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के स्तर पर मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है। परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की भी जानकारी है।
इंद्रमणि नौटियाल की घर वापसी की मुहिम अब केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं रह गई है। दीपिका नौटियाल की पुकार, अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी की सक्रियता और सुरेंद्र सिंह रावत परिवार समेत हजारों लोगों के सहयोग ने इसे इंसानियत की बड़ी मुहिम बना दिया है।
अब सभी की निगाहें इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी पर टिकी हैं। वर्षों से अपने पिता का इंतजार कर रही दीपिका और उनका परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि समाज और सरकार के सामूहिक प्रयास जल्द ही रंग लाएंगे और इंद्रमणि अपने परिवार के बीच वापस लौटेंगे।

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