प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कीर्तिमान पर कालू सिद्ध मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं कीर्तन आयोजित



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कीर्तिमान पर कालू सिद्ध मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं कीर्तन आयोजित
सेवा, सुशासन और संकल्प के 12 वर्षों ने भारत को नई वैश्विक पहचान दी है — त्रिवेन्द्र
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने वाले जननेता बनने के ऐतिहासिक अवसर पर आज हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने संसदीय क्षेत्र की डोईवाला विधानसभा स्थित प्रसिद्ध कालू सिद्ध मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं भजन-कीर्तन में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अभूतपूर्व कीर्तिमान 145 करोड़ देशवासियों के अटूट विश्वास, अद्वितीय जनसमर्थन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाली राजनीति की विजय का प्रतीक है। यह भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, जनआस्था और जनसेवा के प्रति समर्पित नेतृत्व का गौरवपूर्ण अध्याय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने गरीब कल्याण, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक गौरव तथा वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। आज भारत विश्व मंच पर नए आत्मविश्वास के साथ उभर रहा है और विकसित भारत-2047 का संकल्प सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।
रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व को देश की जनता ने लगातार अपना आशीर्वाद दिया है। यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं और संकल्पों का सम्मान है।
कालू सिद्ध मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रावत ने सभी के साथ मिलकर देवाधिदेव महादेव से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्रसेवा के उनके अथक अभियान की निरंतर सफलता की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की मंगलकामना भी की गई।
इस अवसर पर डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, डोईवाला विधानसभा के मंडलों के पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता, जिला एवं प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
