September 27, 2026

हरेला पर्व पर MDDA की हरित पहल, वृक्षारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन – Sainyadham Express

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RAIBAR PAHAD KA

 

हरेला पर्व पर MDDA की हरित पहल, वृक्षारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन

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*डिफेंस कॉलोनी के गौरा देवी पार्क और आढ़त बाजार में फलदार व औषधीय पौधों का रोपण, शहर भर में 60,000 पौधे लगाने और वितरित करने का संकल्प*

*हरेला पर्व संस्कृति और जिम्मेदारी का संगम- बंशीधर तिवारी*

उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक हरेला पर्व आज मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा एक वृहद वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से मनाया गया। इस अवसर पर डिफेंस कॉलोनी स्थित गौरा देवी पार्क और नव-निर्माणाधीन आढ़त बाजार क्षेत्र में सैकड़ों पौधे लगाए गए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर सचिव श्री मोहन बर्निया, संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल, मुख्य अभियंता श्री एच. सी. एस. राणा, सहित विभागीय अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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*500 से अधिक पौधों का रोपण*

गौरा देवी पार्क, जिसे MDDA द्वारा विकसित किया जा रहा है, में 500 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इसके अतिरिक्त, आढ़त बाजार क्षेत्र में जामुन, नीम, आंवला, कटहल, पॉम आदि जैसे फलदार एवं औषधीय महत्व के पौधों को रोपा गया।

*60,000 पौधों का वितरण और रोपण का लक्ष्य*

प्राधिकरण द्वारा इस अवसर पर केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि लगभग 25,000 से 30,000 हजार पौधों का वितरण भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्कूलों, स्थानीय नागरिकों व अन्य हितधारकों को किया गया। साथ ही, शहर के अन्य चिन्हित स्थलों विशेषकर शिमला बायपास व आस-पास के क्षेत्रों में भी 25 से 30 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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*प्राकृतिक संतुलन और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल*

इस कार्यक्रम के माध्यम से MDDA ने केवल हरियाली बढ़ाने का कार्य नहीं किया, बल्कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को भी बढ़ावा दिया। इस पहल के माध्यम से हरित शहरी विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।

*हरेला पर्व संस्कृति और जिम्मेदारी का संगम*

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इस अवसर पर बोलते हुए श्री बंशीधर तिवारी ने कहा हरेला उत्तराखंड की आत्मा है। यह पर्व सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि हमारी पर्यावरणीय जिम्मेदारियों की अभिव्यक्ति है। MDDA इस अवसर को हरियाली बढ़ाने के एक अभियान के रूप में देखता है, जिससे शहरवासियों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय चेतना का भाव प्रबल हो।

*न केवल एक आयोजन, बल्कि एक प्रेरणा*

MDDA ने यह विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहकर, हरित जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरणा बनेगा। साथ ही, यह प्रयास नागरिकों को स्थायी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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