September 18, 2026

गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने लगातार चौदह बार – Sainyadham Express

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गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने लगातार चौदह बार

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(98.41 पर्सेंटाइल) उत्तीर्ण की यूजीसी नेट की परीक्षा:-
अबतक पांच बार प्राप्त कर चुके हैं JRF की CUTOFF से अधिक अंक
योग विषय में दो बार प्राप्त कर चुके हैं गोल्ड मेडल।
मनोविज्ञान विषय में रह चुके हैं यूनिवर्सिटी टॉपर

पतंजलि विश्वविद्यालय से प्राप्त कर चुके हैं पीएच.डी. की उपाधि।
ऋषिकेश (मुनि-की-रेती) – इस बार घोषित हुए प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की परीक्षा के परिणामों में राज्य के क‌ई युवाओं ने सफलता हासिल की है। इन युवाओं की सूची में शामिल जहां क‌ई युवाओं ने पहली बार प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। वहीं राज्य के एक शख्स ऐसे भी हैं जिन्होंने लगातार चौदह बार (14) योग विषय में प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की परीक्षा में सफलता अर्जित कर कीर्तिमान स्थापित किया है।
हम बात कर रहे हैं तीर्थनगरी मुनि की रेती, ऋषिकेश निवासी योगाचार्य गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत की, जिन्होंने योग विषय में लगातार चौदह बार (14) प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। बताते चलें कि गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने अब तक चौदह में से पांच बार JRF की CUTOFF से अधिक अंक प्राप्त किये हैं। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले के बछेलीखाल, देवप्रयाग के रहने वाले हैं एवं वर्तमान में तीर्थनगरी मुनि-की-रेती, ऋषिकेश में रहते हैं। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत वर्तमान में यूजीसी नेट-जेआरएफ के अभ्यर्थियों को नेट-जेआरएफ की तैयारी करवाते हैं।
गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विज्ञान विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने शोध निर्देशक प्रोफेसर पारन गौड़ा के निर्देशन में Enhancing the Quality of Life of Ageing Elders Through Yoga Practices विषय पर शोध कार्य पूरा किया है। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी से मनोविज्ञान विषय में एम‌.ए. की डिग्री सर्वोच्च अंको में उत्तीर्ण की है। जिस कारण वह विश्वविद्यालय में एम‌.ए. मनोविज्ञान विषय में यूनिवर्सिटी टॉपर रहे हैं। इसके अलावा गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विषय में भी एम‌.ए. की डिग्री हासिल की है। इस दौरान भी उन्होंने विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं। जिसके लिए उन्हें विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पी.जी.डी. योग) की परीक्षा में भी सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत को विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इनकी इस उपलब्धि पर उनको अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के संस्थापक अध्यक्ष डॉ राजे नेगी ने पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।उन्होंने ड़ॉ विक्रम की उपलब्धियों की सराहना करते हुवे उन्हें उज्जव भविष्य की शुभकामनाएं दी।

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