July 17, 2026

गोवा अग्निकांड में उत्तराखंड के पांच युवकों की मौत परिवार में पसरा मातम –

0
IMG-20251208-WA0084.jpg

गोवा अग्निकांड में उत्तराखंड के पांच युवकों की मौत परिवार में पसरा मातम

सपने टूटे, परिवार का सहारा छिना,गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में उत्तराखंड के 5 युवाओं की मौत, परिवार में कोहराम

 

 

गोवा के अरपोरा स्थित ‘बिर्च बॉय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में भयंकर अग्निकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार रात को हुए दर्दनाक हादसे की वजह सिलेंडर ब्लास्ट को माना जा रहा था, लेकिन अब इस आग्निकांड पर कई बड़े खुलासे हुए हैं। ये बात भी सामने आ रही है कि इलेक्ट्रोनिक पटाखों के कारण अग्निकांड हुआ। इस भीषण हादसे में 25 लोगों की जान चली गई। इनमें ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई। मृतकों में 5 लोग उत्तराखंड के भी थे जो यहा स्टाफ मेंबर थे।

electronics

 

ये भी पढ़ें:  हरेला पर हरियाली का महाअभियान : ‘हरित दून’ के संकल्प के साथ एमडीडीए ने रखा 1 लाख पौधों का लक्ष्य

गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में मारे गए उत्तराखंड के पाचों युवाओं के घर में मातम पसरा हुआ है। उत्तराखंड के सतीश सिंह, सुरेंदर सिंह, जितेंद्र सिंह, सुमित नेगी और मनीष सिंह नाइटक्लब में नौकरी करते थे। मनीष सिंह चंपावत के रहने वाले थे। जबकि, जितेंद्र और सतीश सिंह टिहरी के रहने वाले थे।

 

 

नाइटक्लब अग्निकांड में टिहरी गढ़वाल के चाह गाडोलिया गांव के रहने वाले 24 साल के सतीश राणा की भी मौत हुई है। सतीश गोवा में कुछ सपने लेकर गए थे, लेकिन इस अग्निकांड ने उनकी भी जान ले ली। सतीश राणा घर में अकेले कमाने वाले थे। सतीश राणा की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन अब सतीश राणा  की शादी कराने का विचार कर रहे थे, सतीश राणा का सपना अपने छोटे भाई को पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाने का था। सतीश राणा की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि गांव वालों को भी गहरा सदमा दिया है। गोवा में साथ काम कर रहे विजेंद्र और अरविंद सतीश के शव को लेकर गांव के लिए निकल गए हैं।

 

ये भी पढ़ें:  हरेला पर प्रेमनगर में हरियाली का महाअभियान, कुंदन परिहार व जोगेंद्र पुंडीर ने किया वृक्षारोपण

परिवार का इकलौता सहारा छिना

 

गोवा नाइट क्लब में जान गंवाने वालों में उत्तराखंड के 5 युवा भी थे। इनमें चंपावत के बाराकोट नेत्र सलान के रहने वाले मनीष भी थे जो उस क्लब में शेफ का काम करते थे। मनीष परिवार का इकलौता सहारा था, उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़ दिया है। 22 साल के मनीष सिंह महर नाइट क्लब में शेफ का काम करता था।

ये भी पढ़ें:  मेडिकल एजुकेशन के बाद इंजीनियरिंग में भी एसजीआरआरयू की बड़ी छलांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed