July 24, 2026

नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर डीएम देहरादून का बड़ा फैसला 56 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त

0
IMG-20260430-WA0168

देहरादून में 56 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त

नौनिहालों की सुरक्षा सर्वोच्च, शेष भवन एक माह में हटाने के निर्देश

वर्षों से नौनिहालों की सुरक्षा को खतरा बने जिले के 56 जर्जर भवन जिला प्रशासन ने कराए ध्वस्त,*

*डीएम की सख्ती से जिले में 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 ध्वस्त, शेष पर कार्रवाई जारी;*

*शिक्षा अधिकारियों; प्रधानाचार्यों की नकेल कसने पर हुई त्वरित कार्रवाई*

*नौनिहालों की शिक्षा एवं सुरक्षा लिए जिला प्रशासन संवेदनशील*

*जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े सैकड़ो स्कूल भवन पहलीबार एक साथ ध्वस्त; सभी बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था की सुनिश्चित*

*नौनिहालों के जीवन से नही होगा खिलवाड़ बर्दाश्तः मा0 मुख्यमंत्री के हैं सख्त निर्देश*

ये भी पढ़ें:  आधी रात को छात्रों के बीच पहुंचा PM मोदी का संदेश, कहा- आपका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा, पेपर माफिया पर होगा निर्णायक प्रहार

देहरादून। जिला प्रशासन ने जनपद में वर्षों से जर्जर और निष्प्रयोज्य पड़े विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज करते हुए बड़ी पहल की है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चिन्हित 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है, जबकि शेष 8 भवनों पर कार्रवाई जारी है और उन्हें एक माह के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के तहत 4 माध्यमिक और 52 प्रारंभिक विद्यालयों के जर्जर भवनों को गिराया गया है। इसके अलावा, विद्यालयों में पूर्ण रूप से निष्प्रयोज्य कक्षा-कक्षों में माध्यमिक विद्यालयों के 7 और प्रारंभिक विद्यालयों के 10 कक्षों में से 14 कक्षों को ध्वस्त किया जा चुका है। शेष 3 कक्षों को भी आगामी एक माह के भीतर हटाया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  देहरादून महायोजना-2041 : देहरादून के भविष्य पर फिर सुनी जाएगी जनता की आवाज, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने से वंचित न रहे

जिलाधिकारी की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के चलते वर्षों से जर्जर पड़े सैकड़ों विद्यालय भवनों के विरुद्ध पहली बार एक साथ व्यापक कार्रवाई संभव हो पाई है।

शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाचार्यों की जवाबदेही तय करते हुए जर्जर भवनों के चिन्हीकरण और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।

विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, चकराता में 23, कालसी में 17, विकासनगर में 8, सहसपुर में 2, रायपुर में 14 और डोईवाला में 17 विद्यालय भवन चिन्हित किए गए थे। इनमें से कुल 70 विद्यालय भवनों और कक्षा-कक्षों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। वहीं, 11 आंशिक एवं पूर्ण रूप से जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए एक माह का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

ये भी पढ़ें:  नकली दवा माफिया के खिलाफ राज्यों की संयुक्त रणनीति से मिली सफलता, अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जर्जर भवनों को हटाकर सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है और शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed