June 10, 2026

चम्पावत दुष्कर्म प्रकरण का : मुख्य षड़यंत्रकारी पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल रावत और महिला मित्र अर्जिता राय गिरफ्तार, भेजे गए जेल

0
FB_IMG_1778254251830

चम्पावत दुष्कर्म प्रकरण का : मुख्य षड़यंत्रकर्ता कमल रावत और महिला मित्र अर्जिता राय गिरफ्तार, भेजे गए जेल

चम्पावत में चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार पूरा मामला सुनियोजित षड्यंत्र निकला, जिसे बदले की भावना से रचा गया था।

06 मई 2026 को एक व्यक्ति ने कोतवाली चम्पावत में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ तीन लोगों ने दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल 10 सदस्यीय एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए।

ये भी पढ़ें:  परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जीमहाराज के महानिर्वाण दिवस पर किया गुरु का सिमरन

जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, मेडिकल परीक्षण, एफएसएल जांच, सीडब्ल्यूसी काउंसिलिंग और न्यायालय में बयान जैसी सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों से यह स्पष्ट हुआ कि नामजद तीनों आरोपी घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे।

माननीय न्यायालय में नाबालिग ने स्वयं किसी भी घटना से इंकार करते हुए पूरे मामले को मनगढ़ंत और षड्यंत्र बताया। जांच में सामने आया कि कमल सिंह रावत ने अपनी महिला मित्र अर्जिता राय के साथ मिलकर बदले की भावना से यह पूरा मामला रचा था।

ये भी पढ़ें:  अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील, बिना स्वीकृत मानचित्र बन रहे फ्लैट और डुप्लैक्स भवनों पर कार्रवाई

इसके बाद पुलिस ने कमल सिंह रावत और अर्जिता राय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कमल सिंह रावत के खिलाफ पहले से भी कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें महिला अपराध और आईटी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।

ये भी पढ़ें:  गायक पवन सेमवाल समेत दो लोग इस जुर्म के लिए पुलिस ने किया गिरफ्तार

चम्पावत पुलिस ने साफ कहा है कि महिला एवं बाल अपराधों पर Zero Tolerance नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और झूठे आरोप या कानून के दुरुपयोग पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि केवल सत्यापित तथ्यों का ही प्रसारण करें तथा पोक्सो एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान सार्वजनिक न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed