बड़ी खबर: उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें हुई तेज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी बयान आया सामने, ये सच्चाई या फिर अफवाह!

- उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें हुई तेज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी बयान आया सामने,ये सच्चाई या फिर अफवाह!
- उत्तराखंड में ऋतु खंडूड़ी के रूप में पहली महिला ब्राह्मण मुख्यमंत्री बनने की भी उड़ रही अफवाह।
देहरादून: उत्तराखंड में इन दिनों फिर राजनीति की गहमागहमी है और हमेशा की तरह इस बार भी सीएम बदलने की अटकलें एक बार फिर से तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया में इसे लेकर तमाम तरह के दावे किए जा रहे हैं। बता दें कि उत्तराखंड में पिछले चार साल से सीएम बदलने की अटकलें आए दिन लगती रही हैं। जब भी सीएम पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर होते हैं, प्रदेश में अटकलों का बाजार गर्म हो जाता है। चर्चाएं शुरू हो जाती हैं कि सीएम पुष्कर सिंह धामी को शीर्ष नेतृत्व पद से हटाना चाहता है। इधर, इन दिनों राज्य में अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण को लेकर घमासान मचा हुआ है। पिछले दिनों हत्याकांड को लेकर व्यापक स्तर पर प्रदर्शन भी हुए थे। उसके बाद अब काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या का प्रकरण सुर्खियों में है।
इसी बीच सोशल मीडिया में एक बार फिर से प्रदेश में सीएम बदलने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया में अफवाह उड़ाई जा रही है कि सीएम धामी को जल्द ही पद से हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री बदलने को लेकर सोशल मीडिया पर पर तब इस खबर ने आज जोर पकड़ ली है जब उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रसिक महाराज ने मीडिया के सामने पौड़ी में बयान दिया की धन सिंह रावत प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई है, वहीं आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर नीतिन नवीन निर्विरोध चुने गए हैं। उसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पांच लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत समेत कई विधायक दिल्ली में हैं। वहीं रायपुर विधायक उमेश शर्मा और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल और महेश जीना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं इस बार भी मंत्रीमंडल का विस्तार होगा। जिसके लिए विधायकों ने अपनी अपनी लाबिंग शुरू कर दी है।
वहीं दूसरी ओर सीएम बदलने की चर्चा भी चल रही है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुए ‘रैबार’ कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार लोकसभा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, गढ़वाल लोकसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, भारत सरकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ – CDS जनरल अनिल चौहान, असम राइफल के DG – लेफ्टीनेंट जनरल विकास लखेड़ा, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत मौजूद रहे। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई है, जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म है। लेकिन इससे विपक्ष के हाथ एक मुद्दा हाथ लग गया है। वहीं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की विधानसभा अध्यक्ष ऋतू खंडूड़ी से लगातार मुलाकात हो रही है, जिससे राजनीतिक पंडितों का मानना है कि, उत्तराखंड को पहली महिला ब्राह्मण मुख्यमंत्री मिल सकती है, लेकिन फिल्हाल तो ये संभावनाएं दूर-दूर तक देखने को नही मिलती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा पर विराम लगा दिया है। भट्ट का कहना है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहतरीन कार्य कर रहे हैं और आलाकमान उनके नेतृत्व से खुश है। हांलांकि मंत्रीमंडल विस्तार की संभावना पूरी-पूरी नजर आ रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विधायक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सबसे बड़ी ताकत भाजपा के विधायक हैं जो उनके साथ खड़े रहते हैं इसका सबसे बड़ा कारण ये है की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर विधायक की समस्याओं को सुनते हैं और उनको मिलने का समय देते हैं इतना ही नहीं धामी विपक्ष के विधायकों के साथ जो लोग उनके दरबार तक पहुंच जाते हैं उनकी समस्याओं का समाधान का रास्ता ढूंढ़ ही निकालते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कुशल मीडिया मैनेजमेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इतने लंबे समय तक कुर्सी पर बने रहना का श्रेय सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को भी काफी हद तक जाता है जो अपनी कार्य कुशलता से मीडिया को मैनेज कर देते हैं।
सीएम के कार्यों से आलाकमान खुश

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने इस कार्यकाल में कई बड़े निर्णय लिए हैं। उनमें सख्त नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता निर्णय शामिल हैं। उनके बड़े निर्णयों की आलाकमान हमेशा ही तारीफ करता आया है। यहां तक की पीएम नरेंद्र मोदी भी सीएम धामी की तारीफें कई बार कर चुके हैं। हालिया दिनों में सीएम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति कर एक और बड़ा फैसला लिया है। इससे साफ है कि भाजपा धामी को न केवल इस कार्यकाल बल्कि 2027 में भी उन्हें ही सीएम का चेहरा घोषित कर चुनाव मैदान में उतर सकती है।
