August 7, 2026

बड़ी खबर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भाजपा ने दी नई जिम्मेदारी ,इन पूर्व मुख्यमंत्री को भी मिली जिम्मेदारी

0
IMG-20260806-WA0220

बड़ी खबर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भाजपा ने दी नई जिम्मेदारी ,इन पूर्व मुख्यमंत्री को भी मिला जिम्मा

भाजपा का मिशन-23: 2022 में हारी सीटों पर बड़े नेताओं की तैनाती

2027 की तैयारी तेज, संगठनात्मक विधानसभा प्रवास के जरिए जीत की रणनीति पर फोकस

देहरादून। उत्तराखंड भाजपा ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में हारी 23 सीटों पर विशेष फोकस शुरू कर दिया है। पार्टी ने इन सभी सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारियों को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है।
भाजपा की ओर से जारी संगठनात्मक विधानसभा प्रवास सूची के अनुसार प्रत्येक वरिष्ठ नेता को एक-एक विधानसभा क्षेत्र आवंटित किया गया है। इन नेताओं का दायित्व संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में लगातार प्रवास कर संगठन को मजबूत करना, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, जनसंपर्क अभियान चलाना तथा स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।

ये भी पढ़ें:  जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित और आधारभूत विकास को नई गति : धामी कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले

सूची के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट को पिरान कलियर, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा को पिथौरागढ़, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को लक्सर, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को खानपुर, सांसद अनिल बलूनी को बद्रीनाथ, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह को यमुनोत्री तथा सांसद अजय भट्ट को नानकमत्ता विधानसभा की जिम्मेदारी दी गई है।

ये भी पढ़ें:  देखें वीडियो:कांग्रेस का 2027 के चुनाव जीतने पर फोकस पूरा, लेकिन संगठन अभी भी अधूरा, कार्यकारिणी को लेकर क्या बोले गोदियाल

इसी प्रकार कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास और सुबोध उनियाल समेत प्रदेश पदाधिकारियों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का उद्देश्य इन सीटों पर संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर आगामी चुनाव से पहले मजबूत जनाधार तैयार करना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने चुनावी तैयारियों की शुरुआत समय से पहले करते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि 2022 में मिली हार वाली सीटों को 2027 में जीत में बदलना पार्टी की प्राथमिकता होगी। बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क और संगठन विस्तार के माध्यम से भाजपा इन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed