जखोली:त्यूँखर गांव के खेतों में दिखे दो भालू, ग्रामीणों में दहशत



त्यूँखर गांव के खेतों में दिखे दो भालू, ग्रामीणों में दहशत
ग्राम प्रधान ने वन विभाग को दी सूचना, ड्रोन से हुई तलाश; स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष अपील
रामरतन सिंह पंवार: जखोली
जखोली/रुद्रप्रयाग। जखोली विकासखंड की ग्राम पंचायत त्यूँखर में मंगलवार सुबह गांव से सटे खेतों में दो भालू दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। भालू खेनज्वा तोक के समीप खेतों में काफी देर तक घूमते रहे, जिससे लोगों ने बच्चों और महिलाओं को अकेले खेतों तथा जंगल की ओर जाने से रोक दिया।
ग्रामीण नरेंद्र सिंह बुटोला ने बताया कि वह अपने पुराने मकान में कार्य कर रहे थे, तभी आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर खेतों में भालू दिखाई दिए। भालू को देखते ही वह सुरक्षित अपने घर पहुंचे और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान माधुरी बुटोला ने वन विभाग को अवगत कराया। वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के शोर-शराबे के कारण भालू जंगल की ओर भाग चुके थे। वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड अरुण बिष्ट ने बताया कि भालुओं का पता लगाने के लिए ड्रोन से भी तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार भालू गांव के आसपास देखे जा चुके हैं, लेकिन एक साथ दो भालुओं का आबादी के इतने करीब पहुंचना चिंता का विषय है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, निगरानी रखने और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
भालुओं की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए राजकीय इंटर कॉलेज त्यूँखर में मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को जंगल से होकर जाने वाले रास्तों पर अकेले विद्यालय न भेजें, बल्कि किसी जिम्मेदार वयस्क के साथ सुरक्षित विद्यालय पहुंचाने और वापस लाने की व्यवस्था करें। वन विभाग ने भी ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना देने की अपील की है।
