July 21, 2026

उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने ली शपथ

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उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने ली शपथ

 

देहरादून। बसंत पंचमी के अवसर पर आज अध्यक्ष दिगम्बर सिंह नेगी के नेतृत्व में उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति की 16 सदस्यीय नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण के बाद विधिवत गठन हो गया है।

मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। आज शपथ लेने वालों में प्रमुख रुप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह रावत, विक्रम सिंह पुंडीर, चंद्रपाल सिंह जमवाल, दिनेश सिंह नेगी और वीरेंद्र सिंह बिष्ट आदि थे। नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए पूर्व शिक्षा निदेशक बिष्ट ने कहा कि चुनाव पूर्व जो भी गिले-शिकवे थे, उन्हें अब भुला देना ही समिति के हित में है। सभी सदस्यों और पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों को समाज के बहुआयामी हित और समिति के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अपने-अपने स्तर से एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इसी से ही समाज और देश का भला हो सकता है। विशिष्ट अतिथि पत्रकार जीएस बिष्ट ने सामाजिक एकता पर जोर दिया और सामाजिक हित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

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अपने धन्यवाद भाषण में अध्यक्ष दिगम्बर सिंह नेगी ने चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी निभाने और समिति को हर स्तर से समर्थन देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह पूर्व की भांति हमेशा समाज के प्रति समर्पित रहेंगे तथा कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारीयों के सहयोग से समाज के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

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वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि जब हम एक रहेंगे तभी हम समाज का विकास कर सकते हैं। हमें छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सीएस जमवाल ने कहा कि समाज के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों का जीवन स्तर उठाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। तेजेंद्र सिंह रावत ने सामाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बटेंगे तो कटेंगे। किशन सिंह भंडारी ने सुझाव दिया कि समाज में जो कुरीतियां और लव जिहाद जैसी घटनाएं हो रही हैं इनको रोकने के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

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अंत में अपने अध्यक्षीय भाषण में संरक्षक और पूर्व अध्यक्ष धीरज सिंह नेगी ने समाज के समृद्ध एवं शिक्षाविद् सदस्यों से आग्रह किया कि समाज के गरीब बालक- बालिकाओं, जो शिक्षा का खर्च उठाने से असमर्थ है, को अपनी आय या पेंशन का एक हिस्सा अवश्य खर्च करना चाहिए। साथ ही विवाह योग्य युवक-युवतियों के अधिक से अधिक परिचय सम्मेलन कराकर समाज का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने नई कार्यकारिणी को बसंत पंचमी व भविष्य की शुभकामनाएं दी।

 

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