October 7, 2026

Big breaking: उत्तराखंड के राज्यपाल के हेलीकॉप्टर की हुई आपात लैंडिंग

0
FB_IMG_1772971801964

श्रीनगर में कराई गई आपात लैंडिंग

 

देहरादून/श्रीनगर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) को लेकर जा रहे हेलीकॉप्टर में रविवार को उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ गई। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को श्रीनगर के जीवीके हेलीपैड पर सुरक्षित आपात लैंडिंग करा दी।

जानकारी के अनुसार उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर में तकनीकी समस्या के संकेत मिलने पर एहतियातन तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थान पर उतरने का निर्णय लिया गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर को श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर उतारा गया। हेलीकॉप्टर के उतरते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राज्यपाल को तत्काल श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां वह सुरक्षित हैं। सूत्रों के अनुसार तकनीकी टीम हेलीकॉप्टर की जांच कर रही है और खराबी के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इमरजेंसी लैंडिंग कराए जाने से किसी भी संभावित खतरे को टाल दिया गया। फिलहाल राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की उड़ान या यात्रा को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  बड़ी खबर:धामी सरकार में चारधाम यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 56.18 लाख के पार

क्या हुआ था घटनाक्रम

  • उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के संकेत मिले
  • पायलट ने तुरंत आपात लैंडिंग का फैसला लिया
  • श्रीनगर के जीवीके हेलीपैड पर सुरक्षित उतारा गया हेलीकॉप्टर
  • राज्यपाल को सुरक्षा के तहत पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया
ये भी पढ़ें:  बड़ी खबर:धामी सरकार में चारधाम यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 56.18 लाख के पार

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। राज्यपाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और तकनीकी टीम को तुरंत जांच के निर्देश दिए गए।

ये भी पढ़ें:  बड़ी खबर:धामी सरकार में चारधाम यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 56.18 लाख के पार

पायलट की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी

विशेषज्ञों का कहना है कि उड़ान के दौरान तकनीकी संकेत मिलते ही पायलट ने समय रहते निर्णय लेकर हेलीकॉप्टर को सुरक्षित स्थान पर उतार दिया। इससे किसी भी संभावित दुर्घटना को टाल दिया गया और सभी लोग सुरक्षित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed