October 12, 2026

हरिद्वार में धामी कैबिनेट के 13 अहम फैसले, सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी छूट; बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

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हरिद्वार में धामी कैबिनेट के 13 अहम फैसले, सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी छूट; बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

हरिद्वार में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बाढ़ मैदान नियमावली, जन विश्वास संशोधन विधेयक और विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर भी मुहर
हरिद्वार/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, युवाओं के रोजगार और जनहित से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना और उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी छूट
कैबिनेट का एक महत्वपूर्ण निर्णय सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन से जुड़ा है। राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए क्षैतिज आरक्षण संबंधी नई नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2025 की पूर्व नियमावली में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप नई नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट संबंधी प्रावधान शामिल किए गए हैं।
बाल वीरता पुरस्कार योजना को हरी झंडी
प्रदेश के साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियां होंगी विनियमित
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप विनियमित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को बाढ़ से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखना है।
जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में होगा पेश
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
अग्निशमन सेवाओं के लिए नया कानून
प्रदेश में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। बढ़ते औद्योगिक विकास, नगरीकरण, आपदाओं और अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों को देखते हुए मौजूदा कानून को संशोधित कर नया कानूनी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव है।
मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है।
विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री अधिकृत
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसियों को
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता
कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।
हरिद्वार की आवासीय परियोजना को राहत
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को स्वीकार करते हुए तीन मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीतियों के अनुरूप प्रस्तावित है।
ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग संबंधी त्रुटि सुधरेगी
बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। 10 नवंबर 2023 के शासनादेश में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।
संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन
उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 के संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार
कैबिनेट ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में दिए जा रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई गई।
इस प्रकार कैबिनेट बैठक में रोजगार, बाल कल्याण, आपदा प्रबंधन, आधारभूत ढांचे, शोध एवं संस्कृति, प्रशासनिक सुधार और व्यापारिक सुगमता से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।

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