September 27, 2026

सुप्रीम कोर्ट से पर्यावरण प्रेमियों को झटका, भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन पर पेड़ों के कटान का रास्ता साफ

0
IMG-20260724-WA0037

सुप्रीम कोर्ट से पर्यावरण प्रेमियों को झटका, भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन पर पेड़ों के कटान का रास्ता साफ

देहरादून। भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन सड़क परियोजना के लिए हो रहे पेड़ों के कटान का विरोध कर रहे पर्यावरण प्रेमियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल द्वारा दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और परियोजना से जुड़े पक्षों को बड़ी राहत मिली है तथा फोरलेन निर्माण कार्य के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना को लेकर लंबे समय से पर्यावरण प्रेमी विरोध दर्ज कराते रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बड़ी संख्या में पुराने और छायादार पेड़ों का कटान किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

ये भी पढ़ें:  श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कराटे चैम्पियन हर्ष व्यास स्काॅटलैण्ड में परचम लहराने को तैयार

विरोध के बावजूद परियोजना के तहत अब तक 700 से अधिक पेड़ों का कटान किया जा चुका है। पर्यावरण प्रेमियों की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके साथ ही परियोजना के निर्माण कार्य पर बनी कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है।

ये भी पढ़ें:  श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक स्वर में गूंजी पुकार कैंसर हारेगा, जिंदगी जीतेगी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब एनएचएआई को फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य को बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ाने की राहत मिल गई है। हालांकि पर्यावरण संरक्षण को लेकर सक्रिय संगठन और स्थानीय लोग अब भी पेड़ों के व्यापक कटान पर चिंता जता रहे हैं और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के संतुलन की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed