July 24, 2026

सुप्रीम कोर्ट से पर्यावरण प्रेमियों को झटका, भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन पर पेड़ों के कटान का रास्ता साफ

0
IMG-20260724-WA0037

सुप्रीम कोर्ट से पर्यावरण प्रेमियों को झटका, भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन पर पेड़ों के कटान का रास्ता साफ

देहरादून। भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन सड़क परियोजना के लिए हो रहे पेड़ों के कटान का विरोध कर रहे पर्यावरण प्रेमियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल द्वारा दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और परियोजना से जुड़े पक्षों को बड़ी राहत मिली है तथा फोरलेन निर्माण कार्य के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना को लेकर लंबे समय से पर्यावरण प्रेमी विरोध दर्ज कराते रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बड़ी संख्या में पुराने और छायादार पेड़ों का कटान किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

ये भी पढ़ें:  नकली दवा माफिया के खिलाफ राज्यों की संयुक्त रणनीति से मिली सफलता, अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू

विरोध के बावजूद परियोजना के तहत अब तक 700 से अधिक पेड़ों का कटान किया जा चुका है। पर्यावरण प्रेमियों की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके साथ ही परियोजना के निर्माण कार्य पर बनी कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है।

ये भी पढ़ें:  बड़ी खबर:उत्तराखंड शासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 वरिष्ठ IAS/IFS अधिकारियों के तबादले

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब एनएचएआई को फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य को बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ाने की राहत मिल गई है। हालांकि पर्यावरण संरक्षण को लेकर सक्रिय संगठन और स्थानीय लोग अब भी पेड़ों के व्यापक कटान पर चिंता जता रहे हैं और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के संतुलन की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed