April 6, 2026

MDDA की अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी, बड़े से बड़े अतिक्रमणकारी को बख्शा नहीं जाएगा बोले बंशीधर तिवारी –

0
IMG-20251129-WA0017.jpg

 

एमडीडीए की सख्त कार्रवाई- अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर चला बुलडोज़र, 22 बिघा में ध्वस्तीकरण

electronics

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आज अवैध निर्माण और गैरकानूनी प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाया। लगातार बढ़ रहे अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से एमडीडीए की टीम सुबह से ही मैदान में उतरी और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई की।

सबसे बड़ी कार्रवाई जस्सोवाल, चकराता रोड क्षेत्र में की गई, जहां रोशन नेगी द्वारा लगभग 22 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्लाटिंग व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनी विकसित करना और बिना अनुमति संरचनाएँ खड़ी करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता मनीष नोटियाल, प्रीतम चौहान, सुपरवाइजरों की टीम तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें:  जंगलराज को मात दे दी उत्तराखंड की कानून व्यवस्था ने : राजीव महर्षि

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की ज़िम्मेदारी है कि शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून तोड़कर अव्यवस्थित बसावट बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी,” तिवारी ने कहा।

ये भी पढ़ें:  देवभूमि के 'धन्वंतरि': डॉ. महेश कुड़ियाल— सेवा, समर्पण और संकल्प का एक उज्ज्वल अध्याय

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आज की कार्रवाई प्राधिकरण की शून्य-सहिष्णुता नीति का हिस्सा है। “जो भी लोग बिना स्वीकृति प्लाटिंग कर रहे हैं, नियमों को नजरअंदाज कर निर्माण कर रहे हैं, उन्हें चेतावनी है, ऐसी गतिविधियाँ तुरंत बंद करें, नहीं तो कठोर कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा।एमडीडीए का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

ये भी पढ़ें:  जंगलराज को मात दे दी उत्तराखंड की कानून व्यवस्था ने : राजीव महर्षि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed