टीवी चैनलों के लिए केंद्र की सख्त एडवाइजरी, 7 बिंदुओं में जारी हुए निर्देश


टीवी चैनलों के लिए केंद्र की सख्त एडवाइजरी, 7 बिंदुओं में जारी हुए निर्देश

नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को प्रसारण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने की एडवाइजरी जारी की है। इसमें आतंकवाद विरोधी अभियानों की लाइव कवरेज से लेकर हिंसक दृश्यों के प्रसारण और यौन अपराध पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने तक कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और प्रोग्राम कोड के पालन पर जोर देते हुए चैनलों को संपादकीय स्तर पर सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।
एडवाइजरी के प्रमुख 7 निर्देश
1. आतंकवाद विरोधी अभियानों की लाइव कवरेज पर रोक

सुरक्षा बलों के आतंकवाद विरोधी अभियानों का लाइव प्रसारण नहीं किया जाएगा। संबंधित जानकारी अधिकृत अधिकारियों की ब्रीफिंग के आधार पर दी जाएगी। पुराने दृश्यों का इस्तेमाल करने पर समय का उल्लेख करना होगा।
2. हिंसक दृश्यों के प्रसारण में सावधानी
खून-खराबे और परेशान करने वाले दृश्यों को बार-बार दिखाने से बचना होगा। आवश्यकतानुसार ऐसे दृश्यों को धुंधला करना होगा।

3. अपराध की खबरों में संतुलन:
अपराध से जुड़ी खबरें सत्यापित तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। सनसनीखेज प्रस्तुति और अपराधियों का महिमामंडन करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
4. आपदा और हादसों की खबरों में सतर्कता: प्राकृतिक
आपदाओं और बड़े हादसों की रिपोर्टिंग में सत्यापित जानकारी दी जाए। पुराने दृश्यों पर समय का उल्लेख किया जाए, ताकि दर्शकों के बीच भ्रम और दहशत न फैले।
5. भारत के प्रामाणिक नक्शे का इस्तेमाल:

प्रसारण में भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रकाशित भारत के आधिकारिक नक्शे का ही उपयोग करने पर जोर दिया गया है।
6. सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के निर्देश
लाइव बहस और पैनल चर्चाओं में भड़काऊ या सांप्रदायिक टिप्पणियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में चैनल को टिप्पणी रोकने, डिस्क्लेमर देने या आवश्यकतानुसार प्रसारण बाधित करने जैसे कदम उठाने होंगे।
7. यौन अपराध पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखें: पीड़ितों का
नाम, तस्वीर, परिवार का विवरण या ऐसी कोई जानकारी प्रसारित नहीं की जाएगी, जिससे उनकी पहचान उजागर हो सकती हो। इस संबंध में कानूनी प्रावधानों और न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।
एआई के इस्तेमाल पर भी सावधानी
मंत्रालय ने समाचार निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल को लेकर भी सतर्कता बरतने पर जोर दिया है। साथ ही चैनलों को अपनी संपादकीय टीमों के लिए नियमित प्रशिक्षण और कार्यशालाएं आयोजित करने की सलाह दी गई है।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि प्रोग्राम कोड का उल्लंघन होने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य समाचार प्रसारण में तथ्यात्मक सटीकता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता सुनिश्चित करना है।

