September 17, 2026

फैसला सुरक्षित होने के बाद परिणाम बताने के दावे पर कांग्रेस के सवाल, मुश्किल में गणेश जोशी 

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फैसला सुरक्षित होने के बाद परिणाम बताने के दावे पर कांग्रेस के सवाल, मुश्किल में गणेश जोशी 

 

निष्पक्ष जांच की मांग

देहरादून। CRLR/344/2025, Vikesh Singh Negi Versus State of Uttarakhand मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के 11 सितंबर के कथित बयान पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामले में 8 सितंबर 2026 को बहस पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित किया गया था, जबकि 15 सितंबर के उच्च न्यायालय के आदेश में मामले को दूसरी पीठ के समक्ष रखे जाने की प्रक्रिया के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दर्ज है।

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब न्यायालय का निर्णय सार्वजनिक रूप से सुनाया नहीं गया था, तो 11 सितंबर को मंत्री की ओर से उनके पक्ष में याचिका खारिज होने का दावा किस आधार पर किया गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि यह केवल गणेश जोशी का व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने और जांच पूरी होने तक गणेश जोशी के मंत्री पद पर बने रहने की उपयुक्तता पर निर्णय लेने की मांग की।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता किसी भी राजनीतिक व्यक्ति से बड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा न्यायालय के निर्णय से पूर्व उसके परिणाम की घोषणा किए जाने का आरोप सामने आता है, तो सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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अधिवक्ता एवं कांग्रेस प्रवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि 8 सितंबर को बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित था और 11 सितंबर को मंत्री की ओर से अपने पक्ष में फैसला आने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के आदेश के बाद इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं कर रही, बल्कि यह जानना चाहती है कि निर्णय सार्वजनिक होने से पहले कथित परिणाम की जानकारी कैसे मिली।

कांग्रेस ने मांग की कि 11 सितंबर को दिए गए कथित बयान और उसके आधार की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने, गोपनीय न्यायिक जानकारी प्राप्त करने या किसी अन्य अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

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प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से यह मांग भी रखी गई कि मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय एवं संबंधित संवैधानिक प्राधिकारियों को भेजी जाए। साथ ही गणेश जोशी को मंत्री पद से हटाने तथा उनकी विधायक सदस्यता के संबंध में सक्षम संवैधानिक प्राधिकारी द्वारा कानून के अनुरूप कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।

प्रेस वार्ता में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल, उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल और अधिवक्ता एवं कांग्रेस प्रवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री मौजूद रहे।

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