August 26, 2026

वरिष्ठ पत्रकार लेखक मनोज ईष्टवाल की पुस्तककण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कार

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‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कार

कोटद्वार । विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मनोज ईष्टवाल ने आज माल गोदाम रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता में उन्होंने ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिलने की जानकारी साझा की।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने बताया कि विगत 19 जुलाई को कण्व नगरी कोटद्वार में ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक का लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण के मात्र एक माह के भीतर ही यह पुस्तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में आई और फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स एवं मेंबर्स ऑफ इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन, जिनेवा द्वारा आयोजित 46वें पुरस्कार समारोह में आर्ट एवं कॉफी टेबल बुक (C.B.T.) श्रेणी में देशभर में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित की गई।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद कण्वाश्रम पर आधारित किसी सी.बी.टी. (कॉफी टेबल बुक) को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि कण्वाश्रम की गौरवशाली विरासत के साथ-साथ कोटद्वार और पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है।

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उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का प्रकाशन ‘किताब वाले’, नई दिल्ली द्वारा किया गया है। पुस्तक की विषयवस्तु, शोध, प्रस्तुति एवं प्रकाशन की गुणवत्ता को देखते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स की ज्यूरी ने लगभग 5,000 पुस्तकों में से ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया। यह सम्मान कण्वाश्रम के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

पुस्तक के लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज ईष्टवाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1989 से कण्वाश्रम के विषय पर कार्य करना प्रारंभ किया था। वर्ष 1992 में उन्होंने कण्वाश्रम पर डॉक्यूमेंट्री बनाने का कार्य शुरू किया, जिसे वर्ष 1995 में ‘शकुंतला’ नृत्य-नाटिका के रूप में दूरदर्शन लखनऊ एवं दिल्ली द्वारा प्रसारित किया गया।

उन्होंने बताया कि कण्वाश्रम पर कार्य करने की प्रेरणा उन्हें वर्ष 1988 में ‘फाउंडर ऑफ गढ़वाल राइफल्स’ पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के दौरान मिली। उस समय पूर्व शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. शिवानंद नौटियाल, गढ़वाल भ्रातृ संघ नई दिल्ली के तत्कालीन अध्यक्ष बद्रीश पोखरियाल एवं समाजसेवी गोकुलानंद बर्थवाल के साथ हुई एक बैठक के दौरान उन्हें कण्वाश्रम के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर कार्य करने की प्रेरणा मिली।

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उन्होंने कहा कि इसके बाद से वे लगातार कण्वाश्रम पर शोध एवं कार्य करते आ रहे हैं। वर्षों से किए जा रहे इसी शोध और प्रयास का प्रतिफल है कि आज उनकी पुस्तक ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

इस अवसर पर लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज ईष्टवाल ने विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऋतु खण्डूडी भूषण द्वारा कण्वाश्रम से संबंधित इस महत्वपूर्ण शोध कार्य को कॉफी टेबल बुक के रूप में संपूर्ण देश के सामने लाने में अभिन्न एवं महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि कण्वाश्रम केवल कोटद्वार की पहचान नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। कण्वाश्रम से भरत और भरत से भारतवर्ष तक की गौरवशाली यात्रा को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि कण्वाश्रम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को मिला यह प्रतिष्ठित सम्मान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने पुस्तक के लेखक मनोज ईष्टवाल को बधाई देते हुए कहा कि उनके दशकों लंबे शोध एवं समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

प्रेस वार्ता के दौरान कहा गया कि ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को मिला प्रथम पुरस्कार कण्व नगरी कोटद्वार, उत्तराखंड और कण्वाश्रम की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत का सम्मान है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

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