क्या रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ बनने जा रहे हैं उत्तराखंड भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष? राजनीति के गलियारों में सुगबुगाहट तेज



क्या रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ बनने जा रहे हैं उत्तराखंड भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष? राजनीति गलियारों में सुगबुगाहट
महेंद्र भट्ट के चार साल पूरे, संगठन में बदलाव की अटकलें तेज; दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल, कई दिग्गजों के नाम चर्चा में
देहरादून।उत्तराखंड भाजपा में प्रदेश नेतृत्व को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के चार वर्ष पूरे होने के बाद संगठन में बदलाव की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कई नामों पर चर्चा हो रही है। इनमें सबसे प्रमुख नाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का बताया जा रहा है।
इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब हाल के दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं का लगातार दिल्ली के वसंत कुंज स्थित निशंक के आवास पर पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक हलकों में इन मुलाकातों को सामान्य शिष्टाचार से आगे जोड़कर देखा जा रहा है और इसे संभावित संगठनात्मक बदलाव के संकेत के रूप में भी लिया जा रहा है।
दूसरी ओर, स्वयं रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी लंबे समय बाद दिल्ली में सक्रिय नजर आ रहे हैं। पिछले काफी समय से वे देहरादून के रायपुर स्थित अपने ‘लेखक गांव’ आवास पर अधिक समय बिता रहे थे, लेकिन हाल के दिनों में उनका दिल्ली में लगातार मौजूद रहना भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे रहा है।
भाजपा के भीतर संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं के बीच केवल निशंक ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ नेता ज्योति प्रसाद गैरोला, आदित्य कोठारी, बलराज पासी और विनोद चमोली के नाम भी संभावित दावेदारों के रूप में लिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों के साथ संगठनात्मक अनुभव को ध्यान में रखकर निर्णय ले सकता है।
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने 30 जुलाई 2022 को पहली बार उत्तराखंड भाजपा की कमान संभाली थी। जुलाई 2025 में उन्हें लगातार दूसरी बार निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। उनके नेतृत्व में भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, सदस्यता अभियान चलाने और लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए।
अब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन में नई ऊर्जा और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बदलाव की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक रूप से तेज हो गई हैं।
हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। पार्टी की परंपरा के अनुसार संगठनात्मक नियुक्तियों का अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करता है। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जारी तमाम चर्चाओं और अटकलों के बीच अंतिम तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।
राजनीतिक संदेश क्या हैं?
दिल्ली में निशंक के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की लगातार मौजूदगी।
निशंक का लंबे समय बाद दिल्ली में सक्रिय होना।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नई दिशा देने की तैयारी।
प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर कई वरिष्ठ नेताओं के नामों की चर्चा।फिलहाल इतना तय है कि उत्तराखंड भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।
