August 19, 2026

हाईकमान का जीता  धामी ने विश्वास, उत्तराखंड की राजनीति में रचा नया इतिहास

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हाईकमान का जीता  धामी ने विश्वास, उत्तराखंड में रचा नया इतिहास

 

पांच साल… एक चेहरा, एक नेतृत्व: कुशल नेतृत्व, मिलनसार व्यवहार और निर्णायक फैसलों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनाई अलग पहचान

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नेतृत्व, कार्यशैली और जनसरोकारों के दम पर एक नई पहचान स्थापित की है। 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने वाले धामी ने लगातार पांच वर्ष पूरे कर इतिहास रच दिया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है, जब भारतीय जनता पार्टी का कोई मुख्यमंत्री बिना नेतृत्व परिवर्तन के लगातार पांच वर्षों तक सत्ता में बना रहा।
धामी के नेतृत्व पर भाजपा हाईकमान ने लगातार भरोसा बनाए रखा। राजनीतिक उतार-चढ़ाव, चुनावी चुनौतियों और संगठनात्मक परिस्थितियों के बावजूद पार्टी ने उनके नेतृत्व पर विश्वास जताया। यही अटूट भरोसा आज एक नए कीर्तिमान में बदल चुका है।
9 जुलाई को मुख्यमंत्री धामी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ने जा रहे हैं। इसके साथ ही वे उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे।

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अस्थिर राजनीति के बीच स्थिर नेतृत्व

उत्तराखंड की राजनीति लंबे समय तक नेतृत्व परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता के लिए जानी जाती रही है। ऐसे दौर में धामी ने सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया तथा सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने की क्षमता का परिचय दिया। यही कारण रहा कि उनका नेतृत्व स्थिरता का पर्याय बन गया।

कुशल नेतृत्व और मिलनसार व्यवहार बनी ताकत

मुख्यमंत्री धामी की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में बनी है, जो सहज, सरल और मिलनसार हैं। कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता तक उनकी सीधी पहुंच रही है। आपदा के समय मौके पर पहुंचना, जनता से संवाद करना, अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें करना और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं।

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पांच वर्षों में कई ऐतिहासिक फैसले

धामी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में पहल, नकल विरोधी सख्त कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून को प्रभावी बनाना, निवेश और पर्यटन को बढ़ावा, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण, सड़क एवं हवाई संपर्क का विस्तार तथा महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक योजनाएं उनकी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।
‘धाकड़’ और ‘धुरंधर’ मुख्यमंत्री की पहचान
अपने निर्णायक फैसलों और कार्यशैली के कारण केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री धामी को सार्वजनिक मंच से ‘धाकड़’ और ‘धुरंधर’ मुख्यमंत्री की संज्ञा दी। इसके बाद यह पहचान प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी कार्यशैली का पर्याय बन गई।

युवा नेतृत्व की नई मिसाल

उत्तराखंड के युवा नेतृत्व के रूप में उभरे धामी ने चुनावी चुनौतियों का सामना करते हुए भी पार्टी का विश्वास बनाए रखा। चुनाव हारने के बाद भी पार्टी ने उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया और बाद में उपचुनाव जीतकर उन्होंने विधानसभा में अपनी स्थिति मजबूत की। यह उनके नेतृत्व पर पार्टी के भरोसे का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है।

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नई उम्मीदों के साथ आगे का सफर

रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्वतीय क्षेत्रों का विकास और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे आने वाले समय में सरकार की बड़ी चुनौतियां रहेंगे। लेकिन पांच वर्षों का कार्यकाल यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केवल एक रिकॉर्ड नहीं बनाया, बल्कि स्थिर नेतृत्व, कुशल प्रशासन, जनसरोकार और विकास की राजनीति की नई पहचान भी स्थापित की है।
हाईकमान का अटूट विश्वास और जनता का बढ़ता भरोसा—इन्हीं दो आधारों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है।

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