August 28, 2026

राज्य महिला आयोग की अच्छी पहल , महिला आयोग आयेगा आपके द्वार सुनेगा आपकी समस्या

0
IMG-20260306-WA0060

 

महिला आयोग आपके द्वार” के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा समस्त जनपदों में शुरू होगा ‘महिला जनसुनवाई’ अभियान

​जन-सुनवाई में निर्भीक होकर प्रतिभाग करें मातृशक्ति, समस्याओं व लंबित प्रकरणों को आयोग के समक्ष करें प्रस्तुत : कुसुम कंडवाल

​भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे : कुसुम कंडवाल

 

​देहरादून। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान “महिला आयोग आपके द्वार” के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु वृहद प्रदेशव्यापी अभियान का आयोजन किया जा रहा है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 09 मार्च 2026 से 13 मार्च 2026 के मध्य प्रदेश के सभी 13 जनपदों में ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रमों का विशेष आयोजन सुनिश्चित किया गया है।

ये भी पढ़ें:  श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू

​इस महत्वपूर्ण अभियान के विषय में जानकारी साझा करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि, “हमारा संकल्प प्रदेश की प्रत्येक महिला को सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण प्रदान करना है। अक्सर भौगोलिक बाधाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की बहनें मुख्यालय तक नहीं पहुँच पातीं, इसलिए आयोग स्वयं उनके द्वार तक पहुँचकर उन्हें त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास कर रहा है। महिला आयोग हर उस महिला के साथ मजबूती से खड़ा है जो अपने सम्मान के लिए आवाज उठाना चाहती है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे।”
​कुसुम कंडवाल ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि इस जनसुनवाई का उद्देश्य केवल नई शिकायतों को प्राप्त करना ही नहीं है, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों में महिलाओं से संबंधित लंबित पड़े पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना भी है।

ये भी पढ़ें:  श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने स्वाइन फ्लू के उपचार को कसी कमर

​जनसुनवाई के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लंबे समय से अटके हुए प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो। इसमें पुलिस, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ समन्वय कर लंबित मामलों की सुनवाई भी की जाएगी।

​आयोग द्वारा जारी प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, जनसुनवाई की शुरुआत 09 मार्च से होगी, जिसमें आयोग की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं आयोग के सदस्यगण विभिन्न जनपदों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, मानसिक, शारीरिक व दहेज उत्पीड़न/ हत्या, संपत्ति विवाद और कार्यस्थल पर मानसिक एवं यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, मातृत्व लाभ न मिलने वाले जैसे गंभीर विषयों पर प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक जनपद में आयोजित होने वाली इन जनसुनवाई में जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि प्रकरणों पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें:  श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने स्वाइन फ्लू के उपचार को कसी कमर

​अंत में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रदेश की समस्त महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर आयोजित होने वाली इन जनसुनवाई में निर्भीक होकर प्रतिभाग करें और अपनी समस्याओं व लंबित प्रकरणों को आयोग के समक्ष रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *